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हमारी नजर न्यूज़
सिंधियों के लिए एक नया इतिहास रचेगा आगामी सिंधी सम्मेलन
सांसद शंकर लालवानी बनेंगे सिंधियों के तारणहार
VSHFA के उपाध्यक्ष गुरमुख जगवानी, महासचिव राजू मनवानी एवं उपाध्यक्ष पीटर डलवानी द्वारा सम्मेलन की निगरानी पर है पैनी नजर
NCPSL के पूर्व उपाध्यक्ष एवं प्रख्यात जनरलिस्ट श्रीकांत भाटिया के द्वारा सम्मेलन के बेहतरीन प्रचार ने बांधा समां
कानपुर 13 नवंबर!
आज अशोकनगर स्थित होटल ब्लिस्स (बेस्ट वेस्टर्न ) में सिंधी सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक अंशवानी ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए बताया की
भारत देश में रह रहे लगभग दो करोड सिंधियों की आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक, एवं राजनीतिक आदि विषयों,पर चर्चा, समस्याओं, मांगो को लेकर विश्व सिंधी हिंदू फाउंडेशन आफ एसोसिएशन(VSHFA) द्वारा दिल्ली के विज्ञान भवन में आगामी 23 नवंबर को सिंधियों का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया है इस सम्मेलन में मुख्य रूप से केंद्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह, लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ,केंद्रीय संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत, दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, सांसद श्री शंकर लालवानी सहित देशभर के लगभग सभी राज्यों से हजारों की संख्या में प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं ।
सम्मेलन में प्रमुख रूप से सिंधी समाज के लिए
सिंधी विकास बोर्ड का गठन
दिल्ली एवं सिंधी बाहुल राज्यों में सिंधु भवन की स्थापना ।
सिंधी बाहुल राज्यों में सिंधी साहित्य/ भाषा/ अकादमियों का गठन ।
सिंधी हिंदुओं को अनुसूचित जाति ,अनुसूचित जनजाति ,एवं अन्य पिछड़ा वर्ग की जातियों कि आरक्षण सूची में शामिल कर उनका प्रकाशन।*
सिंधी शैक्षणिक संस्थानों को अल्पसंख्यक का दर्जा
सिंधी समुदाय के युवाओं को राजनीति में प्रोत्साहित करके उनके लिए लोकसभा एवं विधानसभा में कुछ स्थान आरक्षित करना ।
सिविल सेवाओं के लिए सिंधी युवाओं का मार्गदर्शन करना ।
सिंधी विश्वविद्यालय द्वारा दर्शन के लिए नामित सिंधी चैनल ।
26 जनवरी को दिल्ली मैं निकलने वाली झांकियो की परेड में सिंधी झांकी को शामिल करना ।
सिंधी संस्कृति के प्रचार के लिए राष्ट्रीय परिषद का गठन करना ।
भारत में नागरिकता संशोधन अधिनियम और अन्य अधिनियमों के तहत सिंधी हिंदुओं को नागरिकता प्रदान करना ।
विभाजन के समय विस्थापित होकर आए हुए सिंधियों को जिन कैंपों कॉलोनीयो में रहने के लिए जो स्थान दिया गया उनकी दशा बहुत ही दयनीय है उन कैंपों में सुधार करके उसमें रह रहे रहे सिंधियों को उसका मालिकाना हक दिया जाए इसके अलावा आए हुए प्रतिनिधियों के द्वारा चर्चा के दरमियान जिन विषयों पर सहमति बनेगी उन प्रस्ताव के द्वारा सरकार को भेजना । पत्रकार वार्ता में प्रमुख रुप से अतुल अंशवानी, दिलीप अंशवानी, राकेश, कैलाश , विक्रम आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे ।